दिवाली 2024 की तिथियाँ और पंचांग
| दिवस | तिथि | पर्व का नाम |
|---|---|---|
| धनतेरस | 29 अक्टूबर 2024 | धन त्रयोदशी |
| नरक चतुर्दशी | 30 अक्टूबर 2024 | छोटी दिवाली |
| लक्ष्मी पूजन | 31 अक्टूबर 2024 | दिवाली |
| भाई दूज | 2 नवंबर 2024 | भाई दूज |
दिवाली का महत्त्व और पौराणिक कथा
धनतेरस 2024: शुभ मुहूर्त और मान्यताएँ
धनतेरस का शुभ मुहूर्त
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) 2024
नरक चतुर्दशी का शुभ मुहूर्त
नरक चतुर्दशी पूजा मुहूर्त: 30 अक्टूबर 2024, प्रातः 05:00 बजे से 06:30 बजे तक
दिवाली 2024: लक्ष्मी पूजन का महत्त्व
दिवाली के मुख्य दिन लक्ष्मी पूजन किया जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की भी पूजा की जाती है, जो शुभता और समृद्धि के प्रतीक हैं। घरों में साफ-सफाई, दीप जलाना, और रंगोली बनाना इस दिन की प्रमुख गतिविधियाँ हैं।
लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
- अवधि – 01 घण्टे 45 मिनट
- प्रदोष काल – 05:48 से 08:21
- वृषभ काल – 06:35 से 08:33
- गोधूलि मुहूर्त- शाम 05:36 से 06:02 तक
- संध्या पूजा- शाम 05:36 से 06:54 तक
- निशिथ काल पूजा-रात्रि 11: 39 से 12: 31 तक
भाई दूज 2024: भाई-बहन के प्रेम का पर्व
भाई दूज, दिवाली के बाद आने वाला पर्व है जो भाई-बहन के अटूट बंधन का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना के लिए पूजा करती हैं और भाइयों से रक्षा का वचन लेती हैं।
भाई दूज का शुभ मुहूर्त
भाई दूज मुहूर्त: 2 नवंबर 2024, दोपहर 02:00 बजे से 04:30 बजे तक
दिवाली पर विशेष सावधानियाँ
- दीयों को सजाते समय अग्नि सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
- लक्ष्मी पूजन के समय घर में शुद्धता और शांति बनाए रखें।
- पटाखों के उपयोग से पर्यावरण को हानि हो सकती है, इसलिए संयम से उनका उपयोग करें।
दिवाली का पर्व अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक है और इसे पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाना चाहिए। हम आशा करते हैं कि यह लेख आपको दिवाली 2024 के सभी पहलुओं की जानकारी प्रदान करेगा और इस त्यौहार को मनाने में मार्गदर्शन करेगा।
