सुप्रीम कोर्ट से राहुल गांधी को मानहानि मामले में बड़ी राहत

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Rahul Gandhi Gets Relief: मानहानि मामले में निचली अदालत की कार्यवाही पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी(Rahul Gandhi) के खिलाफ चल रहे अमित शाह पर कथित मानहानि के मामले में सुप्रीम कोर्ट(Superme Court) ने हाल ही में महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। इस निर्णय ने निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए राहुल गांधी को बड़ी राहत दी है। यह मामला राहुल गांधी के बयान के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने एक राजनीतिक संदर्भ में एक टिप्पणी की थी।

यह मामला राहुल गांधी के 2019 के उस बयान से जुड़ा है जिसमें उन्होंने चाईबासा में एक सार्वजनिक सभा के दौरान अमित शाह(Amit Shah) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद, भारतीय जनता पार्टी(BJP) के कार्यकर्ता नवीन झा ने 2019 में गांधी के खिलाफ झारखंड में यह मामला दायर किया था। उनका दावा है कि यह बयान व्यक्तिगत मानहानि(Defamination Case) का कारण बना और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।

क्या हैं सुप्रीम कोर्ट का आदेश? और जानते हैं इसके प्रमुख बिंदु:

1. सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाई।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मानहानि मामले में निचली अदालत द्वारा जारी सभी कार्यवाहियों पर फिलहाल अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। इससे राहुल गांधी को तुरंत राहत मिली है (Rahul Gandhi Gets Relief)।

2. कानूनी प्रक्रिया का पुनः परीक्षण कर पुनः विचार करने को कहा।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गहनता से समीक्षा करने और इस पर पुनः विचार करने का आदेश भी दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित किया हैं कि न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहनी रहे।

3. राजनीतिक बयानबाज़ी और अभिव्यक्ति की आज़ादी की हद तय होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि इस तरह के मामलों में अभिव्यक्ति की आज़ादी और राजनीतिक बयानबाजी की एचडी तय होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इसकी सीमाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे मामलों में व्यापक संदर्भ और उद्देश्य को समझना जरूरी है।

आज का सवाल: अभिव्यक्ति की आज़ादी या जिम्मेदारी, कौन तय करेगा?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की आज़ादी के अधिकार और राजनीतिक दल के नेताओं को अपने बयानों पर संयम बरतने की और देश के आने वाली पीढ़ी की और अपनी ज़िम्मेदारी निभाना सीखना होगा।

आप इस बारे में क्या सोचते हैं हमे कमेंट करके ज़रूर बतायें।

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