Rahul Gandhi का Haryana Vote Manipulation Claim — EC ने बताया ‘अनफाउंडेड’

Spread the love

नई दिल्ली:
कांग्रेस नेता Rahul Gandhi Haryana vote manipulation claim को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। राहुल गांधी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान करीब 25 लाख फर्जी वोट डाले गए, जिससे मतगणना और परिणामों पर असर पड़ा। लेकिन Election Commission (EC) ने इस दावे को “अनफाउंडेड” बताया है और कहा है कि इस तरह का कोई प्रमाण अब तक नहीं मिला है।


Rahul Gandhi के आरोप क्या हैं?

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दावा किया कि हरियाणा के पिछले विधानसभा चुनाव में 5.21 लाख डुप्लिकेट वोटर्स, 93,000 अमान्य वोटर्स और 19 लाख से अधिक bulk voters शामिल थे।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह “vote chori” का मामला है और आयोग को तत्काल जांच करनी चाहिए।
यह दावा उनके हालिया अभियान भाषणों और पोस्ट्स में भी देखने को मिला।


Election Commission का जवाब

Election Commission of India ने कहा कि Haryana assembly election 2024 में किसी भी पार्टी या उम्मीदवार ने वोटर लिस्ट पर औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।
EC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,

“अगर वोटर रोल में किसी प्रकार की गड़बड़ी होती, तो Booth Level Agents और पार्टी प्रतिनिधि तुरंत आपत्ति दर्ज करते। लेकिन कांग्रेस की तरफ से कोई आपत्ति नहीं आई।”

EC के मुताबिक, अभी केवल 22 केस पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में लंबित हैं, जो सामान्य चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।


राजनीतिक असर क्या होगा?

यह मामला अब विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच नए विवाद को जन्म दे रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि राहुल गांधी अपने दावों के समर्थन में सबूत पेश नहीं कर पाते हैं, तो कांग्रेस की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है।
वहीं, BJP नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ “political narrative” है, कोई कानूनी साक्ष्य नहीं।


आगे की राह

अब सभी की नजर इस पर है कि क्या कांग्रेस पार्टी Election Commission के सामने औपचारिक प्रमाण पेश करेगी या नहीं।
यदि राहुल गांधी सबूत रखते हैं, तो मामला कानूनी रूप से बड़ा मोड़ ले सकता है।
वरना यह आरोप सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रह जाएगा।


निष्कर्ष

Rahul Gandhi Haryana vote manipulation claim ने देश की चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
EC ने इसे “बिना प्रमाण” बताया है, लेकिन यह विवाद अब जनता के बीच लोकतांत्रिक विश्वास का मुद्दा बन गया है।
देखना होगा कि आने वाले दिनों में कांग्रेस और आयोग — दोनों इस बहस को किस दिशा में ले जाते हैं।

Leave a Comment