मणिपुर की राजनीति फिर से गर्मा गई है। तीन महीने से राष्ट्रपति शासन झेल रही राज्य की जनता अब Manipur Government Formation की नई कोशिशों को लेकर उम्मीद और चिंता, दोनों से भर गई है।
मंगलवार को बीजेपी (BJP) और उसके गठबंधन के 10 विधायकों ने गवर्नर अनुसुइया उइके से मिलकर दावा किया कि उन्हें 22 विधायकों का समर्थन है और वे नई सरकार बनाना चाहते हैं
Manipur Government Formation की BJP की कोशिश पर विपक्ष ने लगाए फर्जी दस्तखत के आरोप
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि जिन 22 विधायकों की लिस्ट दी गई है, उनमें से 3 के सिग्नेचर फेक हैं। उनका कहना है कि BJP सिर्फ दिखावा कर रही है, असल में बहुमत उनके पास नहीं है।
“अगर बहुमत होता तो खुलकर सामने आते, यह सिर्फ एक दिखावा है, असली संख्या पूरी नहीं है। लोकतंत्र के नाम पर धोखा हो रहा है,”— जयराम रमेश, कांग्रेस
महिलाएं सड़कों पर: “सरकार बनाओ या इस्तीफा दो!”
इंफाल में महिलाएं भारी संख्या में सड़कों पर उतर आईं और विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। उनका साफ-साफ कहना है — या तो सरकार बना लो, या MLA लोग इस्तीफा दे दो।
ये महिलाएं लगातार कह रही हैं कि 3 महीने से राज्य में कोई elected government नहीं है, और अब लोगों का सब्र टूट चुका है।
COCOMI का अल्टीमेटम
COCOMI (Coordinating Committee on Manipur Integrity) ने गवर्नर से माफी मांगने की मांग की है। उनका आरोप है कि लोकल पत्रकारों के साथ गलत बर्ताव हुआ है। अब उन्होंने आंदोलन तेज करने की बात कही है।
COCOMI के नेताओं ने कहा,
“यह सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं है, मणिपुर की अस्मिता की लड़ाई है।”
कुकी विधायकों की नाराज़गी
10 कुकी-जो (Kuki-Zo) समुदाय के विधायकों ने BJP की हालिया रणनीति को एकतरफा बताया है। उनका कहना है कि ऑपरेशन सिर्फ कुकी मिलिटेंट्स के खिलाफ क्यों? दूसरे पक्षों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
“अगर सबका हक नहीं मिलेगा, तो हम सरकार के साथ नहीं होंगे” — कुकी MLA
पॉलिटिकल नंबर गेम: बहुमत किसके पास?
| पार्टी | सीटें (2022 चुनाव) | मौजूदा स्थिति |
|---|---|---|
| भाजपा (BJP) | 32 | इस्तीफा देने के बाद अस्थिर |
| कांग्रेस (Congress) | 5 | विपक्ष में सक्रिय |
| अन्य सहयोगी दल | 6 | समर्थन अस्पष्ट |
| निर्दलीय (Independent) | 2 | स्थिति अनिश्चित |
कुल 60 सीटों वाली विधानसभा में सरकार बनाने के लिए कम से कम 31 विधायकों का समर्थन ज़रूरी है। NDA अभी भी उस संख्या तक नहीं पहुंचा है।
आगे क्या हो सकता है?
- अगर गवर्नर को यकीन होता है कि NDA के पास बहुमत है, तो उन्हें सरकार बनाने का न्योता मिल सकता है।
- वरना राज्य में फिर से चुनाव की नौबत भी आ सकती है।
- इस बीच, जनता का गुस्सा और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
